प्यार तो मचलता रहा, अरमान उमड़ते रहे धीरे धीरे,
तेरी जुदाई में भी मेरी धड़कन मगर चलती रही धीरे
धीरे ….
रात की तन्हाई जगाती है मिलन की कसक धीरे धीरे ,
तेरे बगैर चांदनी भी मुझे तडपाने लगी है मगर धीरे धीरे
Sunday, 18 November 2012
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